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Tuesday, June 1, 2010

बीसीसीआई की क्यों नहीं है रूचि ...! !

एशियन गेम्स .

5 comments:

  1. प्रशंसनीय......गहरी छाप छोड़ने
    वाली प्रस्तुति।
    सद्भावी- डॉ० डंडा लखनवी
    ///////////////////////

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  2. sahi hai


    bat wahi he na

    paisa paisa
    or sab kuch paisa



    http://kavyawani.blogspot.com/

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  3. यह तो बिल्कुल ठीक बात है... बीएसएनएल वाला बहुत जबरदस्त है..

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  4. pad ki lipsa ke age padak ki kya aukaat?

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  5. मस्तान जी सत श्री अकाल...आज आपके ब्लॉग पर पहली बार आया हूँ और जब से आया हूँ तब से हंस रहा हूँ...आप के पास विलक्षण सेन्स आफ हयूमर है...कमाल के कार्टून बनाते हैं आप...सुबह से दस लीटर पानी पी चूका हूँ वाले कार्टून को देख कर हंसी पिछले आधे घंटे से कंट्रोल में नहीं आ पा रही है...बाउजी तुसी छा गए...बल्ले बल्ले हो गयी जी बल्ले...
    नीरज

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